4 दिन की मशक्कत के बाद पकड़ा गया लेम्बोर्गिनी कांड का आरोपी, फर्जी ड्राइवर का दावा फेल, अब कोर्ट में पेशी!

करोड़ों की कीमत वाली लेम्बोर्गिनी से चार दिन पहले हुए हादसे के बाद अब आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार सुबह गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया.

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Courtesy: @ImSanjayNigam02 X account

नई दिल्ली: कानपुर की सड़कों पर हुई एक लग्जरी कार दुर्घटना ने न सिर्फ शहर बल्कि पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी. करोड़ों की कीमत वाली लेम्बोर्गिनी से हुए इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हुए और अब चार दिन की तलाश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार सुबह गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया.

कानपुर सेंट्रल पुलिस उपायुक्त एके श्रीवास्तव के अनुसार, सूचना मिलने पर पांच टीमों का गठन किया गया था. जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय कार शिवम ही चला रहा था. यह हादसा रविवार को वीआईपी रोड पर हुआ था, जब तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी, जिसमें छह लोग घायल हुए थे.

कई वाहनों से टकराई थी गाड़ी

बताया जा रहा है कि कार ने पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर खड़ी मोटरसाइकिल से जा भिड़ी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दूर जा गिरा और कार बिजली के खंभे से टकराकर रुकी. प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि मौके पर मौजूद निजी सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को हटाकर आरोपी को वहां से ले जाने की कोशिश की.

ड्राइवर को लेकर विवाद

घटना के बाद एक व्यक्ति मोहन अदालत पहुंचा और खुद को ड्राइवर बताते हुए दावा किया कि दुर्घटना के समय वह गाड़ी चला रहा था. उसका कहना था कि शिवम को अचानक दौरा पड़ा, जिससे संतुलन बिगड़ गया. हालांकि पुलिस ने वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर इस दावे को खारिज कर दिया. अदालत ने भी मोहन के आत्मसमर्पण को स्वीकार नहीं किया.

थाना प्रभारी हुआ निलंबित

शुरुआती एफआईआर में ड्राइर का नाम नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे. हालांकि बाद में पुलिस ने नाम जोड़ा था.  प्रोटोकॉल में लापरवाही के आरोप में स्थानीय थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है.

आखिर क्यों लाइम लाइट में आया मामला

इस मामले के लाईम लाइट में आने का एक मुख्य कारण यह है कि  दुर्घटना में शामिल गाड़ी शहर के बड़े कारोबारी घराने बंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़ी है. शिवम मिश्रा एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे हैं, जिनके परिवार पर पहले भी आयकर विभाग की कार्रवाई हो चुकी है. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है.
 

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