महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग, एसिडिटी या थकान समझकर न करें नजरअंदाज
हार्ट अटैक को अचानक, तेज़ और फिल्मी अंदाज़ में होने वाली घटना के रूप में जाना जाता है. इसमें सीने में तेज़ दर्द, बाईं तरफ जकड़न और अचानक गिर जाने की समस्या देखी जाती है. लेकिन भारत में कई महिलाओं के लिए यह तस्वीर पूरी तरह अलग होती है.
Last Updated : 09 December 2025, 01:28 PM IST
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महिलाओं में हार्ट अटैक ज्यादातर धीमे, उलझाने वाले और साधारण लगने वाले लक्षणों के साथ आता है, जो अक्सर एसिडिटी, स्ट्रेस या सामान्य थकान समझकर टाल दिए जाते हैं. यही वजह है कि विशेषज्ञ इस पर बार-बार चेतावनी देते हैं.
कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि क्लासिक हार्ट अटैक के लक्षण जैसे तेज़ सीने का दर्द कई महिलाओं में नहीं दिखते. इनके संकेत शरीर के अन्य हिस्सों में या हल्के रूप में प्रकट हो सकते हैं, जिन्हें पहचानना बेहद ज़रूरी है.
महिलाओं में आम लेकिन अनदेखे हार्ट अटैक के संकेत
- सीने में बेचैनी या दबाव- ज़रूरी नहीं दर्द तेज़ हो. कई बार सीने में भारीपन, दबाव, जकड़न या भरापन महसूस होता है.
- दर्द का फैलना- दर्द सिर्फ सीने में नहीं होता. यह कंधों, हाथों, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से तक जा सकता है.
- सांस फूलना- सीने में दर्द न होने पर भी सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है—यह एक मुख्य चेतावनी है.
- असामान्य थकान या कमजोरी- हल्के काम में भी अत्यधिक थकान, कमजोरी या एनर्जी की कमी महसूस होना—कई महिलाएँ इसे नज़रअंदाज़ कर देती हैं.
- बदहज़मी जैसा अहसास- जी मिचलाना, उलझन, सीने में जलन या गैस जैसी फीलिंग—अक्सर इसे एसिडिटी समझ लिया जाता है.
- ठंडा पसीना और चक्कर- अचानक पसीना आना, चक्कर आना, बेहोशी जैसा महसूस होना, साथ में जी मिचलाना भी हो सकता है.
- बेचैनी या डर की भावना- कुछ महिलाएं बताती हैं कि उन्हें बस ऐसा महसूस हुआ कि “कुछ ठीक नहीं है”—यह भी एक संकेत है.
क्यों अलग होते हैं महिलाओं के लक्षण?
महिलाओं में हार्ट अटैक अक्सर बिना तेज़ सीने के दर्द के होता है. इसके बजाय उनके लक्षणों में लगातार थकान, पीठ या जबड़े में तकलीफ़, सांस लेने में रुकावट, पेट में दर्द या असहजता और 0शरीर में असंतुलन या कमजोरी शामिल होते हैं. ये लक्षण भले ही मामूली लगें, लेकिन कई बार यह गंभीर हार्ट प्रॉब्लम का शुरुआती संकेत होते हैं. क्योंकि लक्षण हल्के होते हैं, महिलाएँ इन्हें अक्सर गैस, तनाव, नींद की कमी या थकान समझकर टाल देती हैं. लेकिन देर होने पर यही अनदेखे संकेत जानलेवा साबित हो सकते हैं. अगर ऊपर दिए गए किसी भी संकेत का अनुभव बार-बार हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना ज़रूरी है.
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