menu-icon
The Bharatvarsh News

मानसून आते ही बढ़ गया डेंगू का खतरा! ऐसे रखें अपना ख्याल

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने बताया कि 20 जून तक 24 घंटों में 151 नए मामले सामने आए. इस साल अब तक 7,077 पुष्ट मामले दर्ज हुए हैं. मैसूरी में 290 संदिग्ध मामलों में 10 की पुष्टि हुई. इससे बचने के लिए हम आपको कुछ आसान उपाय बता रहे हैं.

Calendar Last Updated : 22 June 2025, 06:43 PM IST
Share:

Dengue Cases in India: मानसून ने दस्तक दे दी है, बदलते मौसम के साथ बीमारियां भी साथ आती है. खासकर बारिश के दिनों में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते हैं. देश के कई हिस्सों में डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है. यह वायरल बीमारी मच्छरों से फैलती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया की आधी आबादी डेंगू के खतरे में है. हर साल 100-400 मिलियन लोग इससे प्रभावित होते हैं. सतर्कता और बचाव ही इसका सबसे बड़ा हथियार है.

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने बताया कि 20 जून तक 24 घंटों में 151 नए मामले सामने आए. इस साल अब तक 7,077 पुष्ट मामले दर्ज हुए हैं. मैसूरी में 290 संदिग्ध मामलों में 10 की पुष्टि हुई. मैसूर के ग्रामीण इलाकों में चिकनगुनिया के 9 मामले सामने आए. कोलकाता के दमदम में 13 साल की लड़की डेंगू की चपेट में आई. यह घटना मानसून शुरू होने के चार दिन बाद हुई.

डेंगू के कुछ आम लक्षण

डेंगू से संक्रमित ज्यादातर लोगों में लक्षण नहीं दिखते. लेकिन कुछ में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, मतली और चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. आमतौर पर मरीज 1-2 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं. गंभीर डेंगू में अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है. यह जानलेवा भी हो सकता है. डेंगू एडीज मच्छरों से फैलता है, जो दिन में काटते हैं.

डेंगू से ऐसे करें बचाव

  • मच्छरों से बचने के लिए कुछ आसान उपाय हैं. मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. खासकर बाहर जाते समय इसे त्वचा और कपड़ों पर लगाएं.
  • मच्छरदानी का उपयोग करें. खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं. इससे मच्छर घर में नहीं घुसेंगे.
  • इससे बचने के लिए लंबी आस्तीन की शर्ट और पैंट पहनें और बंद जूते चुनें. यह आसान तरीका डेंगू से बचाव में मदद करता है. अभी के समय में बच्चे और बुजुर्गों का ध्यान रखना जरुरी है.
  • जमे हुए पानी में मच्छर प्रजनन करते हैं. गमले, बाल्टी, कूलर और पक्षियों के बर्तनों को नियमित रूप से खाली करें. नालियों और गटर की सफाई करें. पानी जमा न होने दें. 
  • लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज जान बचा सकता है. समुदाय में सफाई अभियान चलाएं. पड़ोसियों को भी जागरूक करें.

सम्बंधित खबर

Recent News