सर्दियों में तेजी से बढ़ती विटामिन डी की कमी, जानिए कैसे रखें शरीर में इसका संतुलन

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही तापमान में गिरावट और प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है. इस मौसम में सूरज देर से निकलता है और कई बार पूरा दिन धुंध और स्मॉग की परत से ढका रहता है.

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Vitamin D in winter: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही तापमान में गिरावट और प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है. इस मौसम में सूरज देर से निकलता है और कई बार पूरा दिन धुंध और स्मॉग की परत से ढका रहता है. ऐसे में शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाता, क्योंकि यह पोषक तत्व मुख्य रूप से सूर्य की UVB किरणों से बनता है. घरों में लंबे समय तक रहने और धूप की कमी के कारण विटामिन डी की कमी सर्दियों में बेहद आम हो जाती है, खासकर उन लोगों में जो सुबह बाहर नहीं निकलते या ज्यादातर समय इनडोर रहते हैं.

विटामिन डी की कमी क्यों बढ़ती है?

सर्दियों में जब धूप कम होती है, UVB किरणें धरती तक पूरी तरह नहीं पहुंच पातीं. प्रदूषण और स्मॉग इन किरणों को और अधिक फ़िल्टर कर देते हैं, जिससे शरीर विटामिन डी का उत्पादन पर्याप्त रूप से नहीं कर पाता. इसके अलावा ठंड की वजह से लोग मोटे कपड़े पहनते हैं और बाहरी गतिविधियां घट जाती हैं, जिसके कारण त्वचा का सूर्य के संपर्क में आने का समय काफी कम हो जाता है.

शरीर पर क्या असर पड़ता है?

विटामिन डी की कमी का सबसे बड़ा प्रभाव हड्डियों और मांसपेशियों पर देखा जाता है. यह कैल्शियम के अवशोषण के लिए आवश्यक होता है, इसलिए इसकी कमी हड्डियों को कमजोर बनाती है. लगातार कमी रहने पर शरीर में दर्द, मांसपेशियों में जकड़न, अत्यधिक थकान और ऊर्जा स्तर में गिरावट जैसे लक्षण सामने आते हैं.

इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, जिससे सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य संक्रमण जल्दी पकड़ लेते हैं. कुछ मामलों में मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या भी हो सकती है. बच्चों में हड्डियों का विकास धीमा पड़ सकता है, जबकि बुजुर्गों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है.

कैसे पूरी करें विटामिन डी की कमी?

आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डॉ. सुभाष गिरी के अनुसार, सर्दियों में सुबह की हल्की धूप सबसे कारगर उपाय है. सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच 15-20 मिनट धूप में समय बिताना शरीर में प्राकृतिक रूप से विटामिन डी बनाने में मदद करता है.
इसके अलावा भोजन में विटामिन डी से भरपूर विकल्प जैसे अंडे की जर्दी, मशरूम, फोर्टिफाइड दूध, दही, घी और फैटी फिश शामिल करना फायदेमंद है. यदि किसी व्यक्ति को धूप नहीं मिल पाती या कमी ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं.

नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ यह क्षमता कम होती जाती है, इसलिए बुजुर्गों को विशेष तौर पर धूप और डायट का ध्यान रखना चाहिए. बच्चों को धूप में खेलने की आदत डालना भी अत्यंत उपयोगी है.

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