PM Modi in SCO Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी रविवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में बाग लेने से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. दो दिवसीय चीन यात्रा के दौरान वे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात की शुरुआत में शी जिनपिंग का एससीओ शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि कज़ान में हमारी पिछली बैठक बहुत सार्थक थी. इससे हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली.
पीएम मोदी ने सीमाओं पर शांति और स्थिरता की सराहना की. साथ ही, कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि हमारे सहयोग से दो अरब से ज्यादा लोगों के हित जुड़े हैं. यह मानवता के लिए जरूरी है. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा है. ट्रंप का कहना था कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है और ब्रिक्स में उसकी भागीदारी तथा रूसी तेल की खरीद को दंडित करने के लिए यह कदम उठाया गया. बाद में ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद पर भारत के खिलाफ अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया. दूसरी ओर, चीन को, जो रूसी तेल खरीदता है, वाशिंगटन ने अतिरिक्त टैरिफ से छूट दी.
VIDEO | Tianjin, China: In his opening remarks during delegation-level talks with Chinese President Xi Jinping, PM Narendra Modi (@narendramodi) says, "We had a productive meeting in Kazan. Our relationship got a positive direction. There is peace and stability on the borders.… pic.twitter.com/wpXqa3sml6
— Press Trust of India (@PTI_News) August 31, 2025
ट्रंप के इस फैसले के बीच भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों में नरमी देखी जा रही है. दोनों देशों के नेताओं की यह मुलाकात वैश्विक मंच पर सहयोग बढ़ाने का संकेत देती है. एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली अन्य बैठकों में भी भारत अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश करेगा. वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत और चीन का यह सहयोग न केवल दोनों देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक संदेश देता है.