प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग को भारत आने का दिया न्योता, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में होंगे शामिल!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया. यह निमंत्रण तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात में दिया गया.

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Courtesy: Social Media

Narendra Modi-Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया. यह निमंत्रण तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात में दिया गया. विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पीएम मोदी ने एससीओ की अध्यक्षता के लिए चीन को धन्यवाद दिया और नई दिल्ली की अध्यक्षता को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया.  

मुलाकात में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास के साझेदार हैं. उन्होंने कहा कि मतभेद को विवाद में नहीं बदलना चाहिए. स्थिर भारत-चीन संबंध दोनों देशों के विकास और वैश्विक शांति के लिए जरूरी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि संबंधों को किसी तीसरे देश के दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए. दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.  

सीमा विवाद पर काम करने का वादा 

प्रधानमंत्री मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के महत्व पर बल दिया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता पिछले साल पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी से संतुष्ट हैं. उन्होंने सीमा विवाद के निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में काम करने का वादा किया. इस महीने की शुरुआत में विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया गया. दोनों नेताओं ने इन प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा और भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने पर भी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने माना कि ये कदम द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये प्रयास दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और समझ को बढ़ाएंगे. पीएम मोदी ने इन पहलों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही.  

संबंधों को और बेहतर बनाने की कोशिश

दोनों नेताओं ने आतंकवाद और निष्पक्ष व्यापार जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर साझा आधार विकसित करने की बात कही. पीएम मोदी ने एससीओ की चीन की अध्यक्षता को समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए भारत-चीन सहयोग को महत्वपूर्ण बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य कै क्यूई से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भारत-चीन संबंधों के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा किया. कै क्यूई ने दोनों नेताओं की सहमति के आधार पर संबंधों को और बेहतर बनाने की इच्छा जताई. उन्होंने द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई. दोनों देशों ने शांति, सहयोग और विकास पर जोर दिया. सीमा विवाद के समाधान और आपसी विश्वास को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा और उड़ानों की बहाली जैसे कदम लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेंगे. यह मुलाकात वैश्विक मंच पर भारत-चीन सहयोग की नई संभावनाएँ खोलती है.  

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