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भारत और ब्रिटेन ने हरित हाइड्रोजन मानकों को आकार देने के लिए किया साझेदारी

नई दिल्ली: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने ब्रिटेन के मानक ब्यूरो के साथ यहां दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की. इसमें हरित हाइड्रोजन उत्पादन और विनियमन के मानकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया.

Calendar Last Updated : 06 February 2025, 05:19 PM IST
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नई दिल्ली: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने ब्रिटेन के मानक ब्यूरो के साथ यहां दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की. इसमें हरित हाइड्रोजन उत्पादन और विनियमन के मानकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया.

आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्रिटिश स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूशन (बीएसआई) और ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के साथ साझेदारी में आयोजित यह पहल, उभरती हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को संरेखित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

आत्मनिर्भर हरित हाइड्रोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक

ब्रिटिश स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूशन (बीएसआई) और ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के साथ साझेदारी में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य था हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में सुरक्षित, मापनीय और वैश्विक रूप से सुसंगत विनियमों और मानकों (आरसीएस) को विकसित करना. कार्यशाला में विशेष रूप से त्वरित पीएएस (सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विनिर्देश) मानकों और वैश्विक हाइड्रोजन प्रमाणन पर जोर दिया गया.

स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए भारत-ब्रिटेन का सहयोग

बीआईएस में ऊर्जा क्षेत्र प्रमुख एबी डोरियन ने इस कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "भारत और ब्रिटेन की हरित हाइड्रोजन में अग्रणी बनने की साझा महत्वाकांक्षा है, जो शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन भविष्य के लक्ष्य का समर्थन करता है." यह साझेदारी भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है, जो हरित हाइड्रोजन की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मानकीकरण अंतराल की पहचान करने और विशेषज्ञों से संपर्क स्थापित करने में मदद करती है.

कार्यशाला का उद्देश्य और समापन

यह कार्यशाला ब्रिटेन सरकार के व्यापक मानक साझेदारी कार्यक्रम का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर व्यापार और विकास को बढ़ावा देना है. कार्यशाला का उद्घाटन बीआईएस के उप महानिदेशक (मानकीकरण-I) राजीव शर्मा, ब्रिटिश उच्चायोग में जलवायु एवं ऊर्जा प्रमुख लॉरा एलेट और एबी डोरियन द्वारा किया गया. इसमें दोनों देशों के नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग के नेताओं ने भाग लिया.

महत्वपूर्ण साझेदारी से भविष्य में हरित हाइड्रोजन का मार्ग प्रशस्त

भारत और ब्रिटेन के बीच यह साझेदारी हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में मानकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत के प्रमाणन, परीक्षण और मानकीकरण ढांचे को मजबूती मिलेगी और एक प्रतिस्पर्धी हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा.

(इस खबर को भारतवर्ष न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)

 

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