नई दिल्ली: भारत बांग्लादेश के बीच की राजनीतिक लड़ाई अब खेल के मैदान तक पहुंच चुकी है. इस विवाद के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह मांग की है कि उनके सभी मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कर दिए जाए. हालांकि ऐसा होने की संभावना अब बहुत ही कम है. क्योंकि टी20 विश्व कप शुरु होने में अब महज एक महीने का ही समय शेष है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की कमाई पर पड़ सकता है.
दरअसल भारत और बांग्लादेश के बीच पुछले कुछ समय से तनाव देखने को मिल रहा है. अब इस तनाव का असर क्रिकेट पर भी देखने को मिल रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को सुरक्षा चिंताओं और सरकारी सलाह का हवाला देते हुए अगले महीने होने वाले विश्व कप के लिए बंगला टीम को भारत न भेजने का फैसला किया है.
बोर्ड ने यह फैसला बीसीसीआई के आदेश पर केकेआर द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के बाद लिया था, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने 9.20 करोड़ रूपये में खरीदा था.
पहला मैच- 7 फरवीर, vs वेस्टइंडीज, ईडन गार्डन, कोलकाता
दूसरा मैच- 9 फरवीर, vs इटली, ईडन गार्डन, कोलकाता
तीसरा मैच- 14 फरवीर, vs इंग्लैंड, ईडन गार्डन, कोलकाता
चौथा मैच- 17 फरवीर, vs नेपाल, वानखेड़े, मुंबई
अगर बांग्लादेश के ये सभी मैच किसी भी स्थिती में भारत में नहीं हुए तो बीसीसीआई को इसका भारी नुकसान हो सकता है. दरअसल अगर बांग्लादेश मैच भारत में नहीं होंगे तो दर्शक मैदान पर मैच देखने नहीं पहुचेंगे. जिससे टिकट बिक्री में असर पड़ेगा. वहीं स्थानीय स्पॉन्सरशिप पर भी असर पड़ेगा.
बता दें मैच-डे ऑपरेशन से बची रकम, स्थानीय ब्रांड्स की स्पॉन्सरशिप और प्रमोशन और हॉस्पिटैलिटी बॉक्स और VIP टिकट से बोर्ड को बड़ा लाभ मिलता है लेकिन अगर बांग्लादेश बाहर होता है तो को बीसीसीआई को इन क्षेत्रों में नुकसान झेलना पड़ सकता है.
अगर बांग्लादेश के मैच हट जाते हैं और उनकी जगह भारत में कोई दूसरा मुकाबला नहीं कराया जाता है, तो BCCI को लगभग 7 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है.