33 घंटे का 'ट्रैफिक तांडव' थमा! खंडाला घाट में गैस टैंकर पलटने से लगा था जाम, अब मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर राहत की सैर

33 घंटे तक चले लंबे जाम के बाद आखिरकार मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे ने गुरुवार सुबह राहत की सांस ली. 33 घंटे के बाद अब जाककर मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का जाम गुरुवार की सुबह हटा है.

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Courtesy: @VijayKumbhar62 X account

33 घंटे तक चले लंबे जाम के बाद आखिरकार मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे ने गुरुवार सुबह राहत की सांस ली. खंडाला घाट में फंसे हजारों यात्रियों के लिए यह किसी परीक्षा से कम नहीं था, जहां न पानी था, न शौचालय और न ही भोजन की कोई व्यवस्था. घंटों तक एक ही जगह खड़े वाहनों की कतारें यात्रियों की परेशानी की गवाही देती रहीं. इस गैस रिसाव के कारण सड़क पर करीब 12 किलोमीटर से ज्यादा लंबा जाम लग गया.

मंगलवार शाम खंडाला घाट खंड में एक गैस टैंकर के पलट जाने से यह संकट शुरू हुआ था. अत्यधिक ज्वलनशील प्रोपलीन गैस से भरे इस टैंकर के कारण सुरक्षा कारणों से यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के अनुसार, गुरुवार तड़के 1.46 बजे मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू किया गया.

पलटा गैस टैंकर

यह जाम उस समय लगा, जब एक गैस टैंकर खंडाला घाट के पास पलट गया. हादसे के तुरंत बाद इलाके को सुरक्षित करने के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया, जिससे धीरे-धीरे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

यात्रियों की बढ़ती मुश्किलें

करीब 90 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हजारों लोग फंस गए. जाम के चरम पर वाहनों की कतारें लगभग 20 किलोमीटर तक फैल गईं. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घंटों तक बिना बुनियादी सुविधाओं के अपने वाहनों में ही इंतजार करना पड़ा. हालांकि लोगो ने भी प्रशासन का साथ देते हुए हालात में कॉपरेट किया. 

यातायात धीरे-धीरे सामान्य

सफाई अभियान पूरा होने के बाद घाट खंड में वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हुई. हालांकि, कुछ समय तक भारी वाहनों के कारण हल्का जाम बना रहा, लेकिन अब एक्सप्रेसवे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. आम नागरिक अपने मंजिल तक पहुंच सकते हैं. 

गैस ट्रांसफर और टैंकर हटाने की कार्रवाई

अधिकारियों के मुताबिक, पलटे हुए टैंकर में मौजूद करीब 21 टन प्रोपलीन गैस को दूसरे टैंकरों में स्थानांतरित किया गया. गैस कंपनी की टीमों द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद भारी क्रेनों की मदद से क्षतिग्रस्त टैंकर को हटाया गया. जिसके बाद जाकर यातायात संभव हो पाया है. इतना ही नहीं बल्कि घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं.

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