menu-icon
The Bharatvarsh News

'कभी-कभी दवा लेनी पड़ती है', शेयर बाजारों में आई गिरावट पर डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई गिरावट को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ चीजें ठीक करने के लिए दवा की जरुरत पड़ती है. उन्होंने अपने प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को दवा बताया है.

Calendar Last Updated : 07 April 2025, 07:22 AM IST
Share:

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर में टैरिफ लगाया है. हालांकि इसका सीधा दुष्परिणाम अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर देखने को मिला. हालांकि इसके बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति अपने नए प्लान पर अडिग हैं. उन्होंने अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई गिरावट को लेकर बड़ा बयान दिया है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बाजारों में आई गिरावट को लेकर कहा कि कभी-कभी आपको कुछ ठीक करने के लिए दवा लेनी पड़ती है. इसी के साथ उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे अपनी टैरिफ योजनाओं में कोई बदलाव नहीं करने वाले हैं. 

बाइडन सरकार पर बोला हमला 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक साझेदारों ने 'बुरा व्यवहार' किया है. उन्होंने इसके लिए पूर्व प्रशासन, खासकर जो बिडेन के कार्यकाल को जिम्मेदार ठहराया है. रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि हमारे साथ अन्य देशों ने इतना बुरा व्यवहार इसलिए किया क्योंकि हमारे पास बेवकूफ नेतृत्व था. उन्होंने दूसरे देशों को हमारे साथ ऐसा करने दिया. ट्रंप ने कहा कि वे बाजार की भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था 'बहुत मजबूत' है. उनके मुताबिक सप्ताहांत में उन्होंने टैरिफ को लेकर कई विश्व नेताओं से बातचीत की है और वे सौदा करने के लिए बेताब हैं.

6 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी बर्बाद

अमेरिका ने चीन और भारत कई बड़े देशों पर टैरिफ लगाया है. जिसमें से चीन पर 34% और भारत पर 27% टैरिफ शामिल है. इसकी वजह से बाजारों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है. अमेरिकी शेयर बाजारों से लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी बर्बाद हो गई है. हालांकि अभी  तक ट्रंप सरकार द्वारा बाजार की इन चिंताओं को खारिज किया गया है. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने सीबीएस को बताया कि टैरिफ आने वाले हैं और राष्ट्रपति मजाक नहीं कर रहे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सत्ता संभालते ही अमेरिका फर्स्ट के नारे लगाए थे. हालांकि उनके कुछ निर्णयों के कारण खुद अमेरिका के लोगों ने उनके खिलाफ विशाल रैली निकालकर उनका पुरजोर विरोध किया है. 

सम्बंधित खबर

Recent News