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 'हमास ने हथियार नहीं डाले तो फिर शुरू होगा युद्ध', नेतन्याहू ने दी सख्त चेतावनी 

Benjamin Netanyahu: गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच आखिरकार हमास और इजराइल के बीच युद्धविराम लागू हो गया है. युद्धविराम के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई शुरू हो चुकी है. इजराइल सरकार ने शुक्रवार को 250 फिलिस्तीनी कैदियों की सूची जारी की, जिन्हें गाजा शांति समझौते के तहत रिहा किया जाना है.

Calendar Last Updated : 11 October 2025, 01:53 PM IST
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Benjamin Netanyahu: गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच आखिरकार हमास और इजराइल के बीच युद्धविराम लागू हो गया है. युद्धविराम के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई शुरू हो चुकी है. इजराइल सरकार ने शुक्रवार को 250 फिलिस्तीनी कैदियों की सूची जारी की, जिन्हें गाजा शांति समझौते के तहत रिहा किया जाना है.

वहीं, युद्धविराम के बावजूद तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर उसने हथियार नहीं डाले, तो एक बार फिर युद्ध शुरू हो जाएगा.

युद्धविराम और सेनाओं की वापसी

शुक्रवार को जारी अपने बयान में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हमास का निरस्त्रीकरण (Disarmament) हर हाल में किया जाएगा. उन्होंने कहा, “हमास को निशस्त्र किया जाएगा और गाजा को सैन्य रूप से मुक्त किया जाएगा. अगर यह शांति से नहीं होता, तो हम इसे बलपूर्वक करेंगे.” उनके इस बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि युद्धविराम केवल अस्थायी है और इजराइल अपने सुरक्षा हितों से समझौता नहीं करेगा.

शुक्रवार दोपहर से युद्धविराम प्रभावी हो गया है. इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की कि सेनाओं की गाजा से वापसी शुरू हो चुकी है. इस बीच, हजारों गाजावासी जो युद्ध के कारण विस्थापित हो गए थे, अब अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. दो वर्षों से जारी इस भीषण युद्ध ने गाजा को भारी तबाही की स्थिति में पहुंचा दिया है. राहतकर्मी अब भी मलबे से शव बरामद करने में लगे हैं.

गाजा शांति डील की प्रमुख बातें

यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुई गाजा शांति योजना का हिस्सा है. इस योजना में कुल 20 बिंदु शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से हमास का निरस्त्रीकरण और गाजा का असैन्यीकरण (Demilitarization) शामिल है. हालांकि गुरुवार को हुए समझौते में इस योजना के केवल शुरुआती हिस्से को लागू किया गया है. जिसमें बंधकों और कैदियों की अदला-बदली, गाजा से आंशिक इजराइली वापसी और युद्धविराम शामिल हैं.

हमास ने बंधक और कैदी विनिमय जैसे प्रावधानों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसने यह साफ कर दिया है कि वह अपने हथियार नहीं छोड़ेगा. यही कारण है कि नेतन्याहू ने फिर से चेतावनी दी है कि अगर हमास ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो युद्धविराम टूट सकता है. नेतन्याहू ने अपने वीडियो संबोधन में कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से बंधकों की रिहाई से संबंधित है, न कि युद्ध की समाप्ति से.

गाजावासियों की वापसी और राहत कार्य

एएफपी समाचार एजेंसी के अनुसार, युद्धविराम के लागू होते ही करीब दो लाख फिलिस्तीनी नागरिक उत्तर गाजा लौट चुके हैं. गाजा सिविल डिफेंस के प्रवक्ता मह्मूद बस्साल ने बताया कि राहत दल मलबे से शव बरामद करने और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं.

इसी बीच, इटली ने घोषणा की है कि यूरोपीय संघ (EU) का मिशन गाजा और मिस्र की सीमा पर स्थित रफा बॉर्डर क्रॉसिंग को 14 अक्टूबर से फिर से खोलेगा, ताकि मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके.

बंधकों और कैदियों की रिहाई

शांति समझौते के तहत हमास उन 47 बंधकों (जिंदा और मृत दोनों) को इजराइल को सौंपेगा, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान कैद किया गया था. इसके बदले में इजराइल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. साथ ही, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से हिरासत में लिए गए 1,700 गाजावासियों को भी छोड़ा जाएगा.

हालांकि, नेतन्याहू के ताजा बयान से यह साफ हो गया है कि अगर हमास ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, तो यह युद्धविराम किसी भी समय टूट सकता है और एक बार फिर गाजा में युद्ध की आग भड़क सकती है.

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