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International: मोरक्को के उत्तरी क्षेत्र में हमेशा भूकंप के खतरे बने रहते हैं, भूकंप आने की वजह

International: मोरक्को के मराकेश के दक्षिण-पश्चिम भाग में बीते दिन यानि 8 सितंबर की रात में 6.8 की तीव्रता से जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. जिसमें करीबन 132 व्यक्तियों की मौत होने की जानकारी मिली है. जबकि मौतों का आकंड़ा 296 के पार पहुंच चुका है. इस बात की जानकारी पुष्टि खुद […]

Calendar Last Updated : 09 September 2023, 02:08 PM IST
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International: मोरक्को के मराकेश के दक्षिण-पश्चिम भाग में बीते दिन यानि 8 सितंबर की रात में 6.8 की तीव्रता से जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. जिसमें करीबन 132 व्यक्तियों की मौत होने की जानकारी मिली है. जबकि मौतों का आकंड़ा 296 के पार पहुंच चुका है. इस बात की जानकारी पुष्टि खुद मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय की तरफ से की गई है. इसके अतिरिक्त अगर बात यूएस जियोलॉजिकल के सर्वे रिपोर्ट की करें तो, पाया गया कि भूकंप के झटके रात के लगभग 11 बजकर 11 मिनट पर महसूस किए गए थे. वहीं भूकंप के झटके का एपीसेंटर मारकेश से 71 किमी दूर 18.5 किमी की गहराई पर मापी गई थी. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के अनुसार भूकंप के झटके के कारण मलबा संकरी गलियों में बिखर गया है. इसके साथ ही लोगों के घरों के कई सामान सहित अलमारी गिर चुकी है. जबकि भूकंप की तीव्रता के चलते यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने शुरूआत के आंकड़े बताते हुए आर्थिक नुकसान को दर्शाया था. जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

मोरक्को में भूकंप

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार शुरुआती आंकड़े बताए गए थे. जिसमें भूकंप के झटकों के कारण कई लोगों की मौत होने की वजह से पीला अलर्ट जारी कर दिया गया है. जो साफ बताता है कि बहुत कुछ हानि होने की संभावना है. USGS ने बताया कि “इस क्षेत्र की आबादी वैसे इलाकों में रहती है, जो भूकंप के झटकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है.”

अक्सर भूकंप की संभावना

अफ्रीकी एवं यूरेशियाई प्लेटों के मध्य उपस्थित होने के चलते मोरक्को के उत्तरी क्षेत्र में हमेशा भूकंप आते ही रहते हैं. पूर्वोत्तर मोरक्को के अल होसेइमा में साल 2004 के दरमियान आए भूकंप के झटकों से कम से कम 628 व्यक्तियों की मौत हो गई थी. इसके साथ ही 926 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. वहीं मोरक्को के पड़ोसी देश अल्जीरिया में साल 1980 के समय 7.3 तीव्रता की तेज भूकंप से 2,500 लोग मारे गए थे. और 3 लाख लोग अपने घर से बेघर हो गए थे. इस घटना को इतिहास में सबसे बड़ी विनाशकारी घटना के रूप में माना जाता है.

भूकंप आने के कारण

आपको बता दें कि पृथ्वी के भीतर टेक्टॉनिक प्लेटों के आपस में टकरा जाने के कारण भूकंप के झटके पैदा होते हैं. पृथ्वी के भीतर 7 प्लेट्स होते हैं, जो हर समय घूमता रहता है. परन्तु जब कभी ये प्लेटें आपस में टकराती है तो एक फॉल्ट लाइन जोन बना लेता है.

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