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सर्दियों में सुबह उठते ही बढ़ रहा ब्लड प्रेशर? जानें क्या यह ‘मॉर्निंग हाइपरटेंशन’ का संकेत है और कैसे बचें

सर्दियों का मौसम कई लोगों के लिए चुनौतियाँ लेकर आता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिज़ीज़, डायबिटीज़ या थायरॉयड जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं.

Calendar Last Updated : 27 November 2025, 03:09 PM IST
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Morning hypertension: सर्दियों का मौसम कई लोगों के लिए चुनौतियाँ लेकर आता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिज़ीज़, डायबिटीज़ या थायरॉयड जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों में सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाना एक आम लेकिन चिंताजनक स्थिति है, जिसे नज़रअंदाज़ करना जोखिम भरा हो सकता है.

ठंड के मौसम में यह समस्या और तेज़ दिखाई देती है, क्योंकि तापमान घटते ही रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं और शरीर को गर्म रखने के लिए हार्ट को ज़्यादा काम करना पड़ता है.

क्यों बढ़ता है बीपी ठंड में?

सर्दियों में ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो सामान्य बनाए रखने के लिए हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है. यही वजह है कि कई लोगों में बीपी तेजी से ऊपर जाता है. साथ ही, इस मौसम में—

  • शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है
  • पानी पीने की मात्रा घट जाती है
  • नमक और भारी भोजन का सेवन बढ़ जाता है
  • तनाव और नींद की कमी बनी रहती है

ये सभी कारक मिलकर ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं. सुबह के समय शरीर संवेदनशील स्थिति में होता है, इसलिए बीपी बढ़ने की संभावना और अधिक होती है.

क्या यह मॉर्निंग हाइपरटेंशन का संकेत है?

राजीव गांधी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अजीत जैन के अनुसार, सुबह उठते ही या जागने के पहले कुछ घंटों में ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ जाना ‘मॉर्निंग हाइपरटेंशन’ कहलाता है. यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों में अधिक पाई जाती है जिन्हें पहले से हाई बीपी, हार्ट डिज़ीज़, किडनी की समस्या, स्लीप एपनिया या तनाव रहता है.

डॉ. जैन बताते हैं कि सुबह उठते समय शरीर में कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है, जो बीपी को स्वाभाविक रूप से ऊपर ले जाता है. लेकिन जब यह स्तर असामान्य रूप से अधिक हो जाए, तो समस्या गंभीर हो जाती है.

मॉर्निंग हाइपरटेंशन के लक्षण

  • सुबह उठते ही तेज सिर दर्द
  • चक्कर या अस्थिरता
  • दिल की धड़कन बढ़ना
  • बेचैनी
  • आंखों में दबाव
  • थकान

यदि इन संकेतों को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और गंभीर कार्डियक समस्याएँ हो सकती हैं.

कैसे करें बचाव?

  • सुबह उठकर तुरंत खड़े न हों, धीरे-धीरे शरीर को सक्रिय करें.
  • गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाएँ.
  • रोज़ 20–30 मिनट हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग करें.
  • नमक की मात्रा कम रखें और संतुलित आहार लें.
  • पर्याप्त पानी पिएँ—सर्दियों में भी शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है.
  • तनाव कम करें और रात में सही नींद लें.
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ नियमित रूप से लें और बीपी मॉनिटरिंग जरूर करें.

सर्दियों में मॉर्निंग हाइपरटेंशन एक गंभीर चेतावनी हो सकता है. इसलिए लक्षण दिखते ही सावधानी बरतना और डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है.

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